नन्दा और सुनन्दा की कथा || Nanda Sunanda Story In Hindi

Nanda-Sunanda devi उत्तराखंड 🇮🇳🇮🇳 की सभ्यता ,संस्कृति 🙏 से आपको जोड़ने की कोशिश 🙏🙏 उत्तराखंड की सभ्यता और संस्कृति से जोड़ी जानकारी कै लिए पेज को फोलो करें , जय देवभूमि जय उत्तराखंड जय हिन्द नन्दा-सुनन्दा की कथा नन्दा और सुनन्दा की कथा उत्तराखंड के कुमाऊँ और गढ़वाल क्षेत्र में गहराई से जुड़ी हुई है। यह कथा देवी नन्दा (जो पर्वतों की देवी मानी जाती हैं) और उनकी बहन सुनन्दा के प्रति श्रद्धा और भक्ति की कहानी है। यह दोनों बहनें विशेष रूप से कुमाऊँ क्षेत्र में पूजी जाती हैं, और इनके सम्मान में कई पर्व, मेले और धार्मिक यात्राएं आयोजित की जाती हैं। कथा के अनुसार, नन्दा और सुनन्दा राजकुमारियाँ थीं। एक समय में कुमाऊँ के किसी राज्य में राजा की पुत्री नन्दा देवी थीं, जिन्हें प्रकृति और पर्वतों से विशेष लगाव था। उन्हें सांसारिक सुखों और राजमहल के वैभव से मोह नहीं था, बल्कि वे पर्वतों में जाकर ध्यान और साधना करना चाहती थीं। उनकी छोटी बहन सुनन्दा भी उनके साथ सदा रहती थीं। एक दिन नन्दा ने अपने परिवार और राज्य से विदा लेकर पर्वतों की ओर जाने का निर्णय किया। सुनन्दा ने भी नन्द...